एसिडिटी के लक्षण और बचाव व उपचार और आयुर्वेदिक उपचार.

एसिडिटी के लक्षण और बचाव व उपचार

एसिडिटी एक आम समस्या है. आजकल की भागदौड भरी और व्यस्त जीवनशैली में इन्सान इतना खो चूका है की  अपने  स्वास्थ्य के बारे में लापरवाही बारात रहा है. इस कारण वह  स्वास्थ्य  सम्बन्धी हर छोटी या बड़ी बिमारी से जुजता रहता है. ऐसी ही एक बीमारी है एसिडिटी.  आज दुनिया में  आधे से ज्यादा इन्सान इस की बीमारी से पीड़ित है. तो आइए जानते है एसिडिटी के लक्षण और बचाव व उपचार.
एसिडिटी के लक्षण और बचाव व उपचार,Acidity Symptoms and Treatment in Hindi.

एसिडिटी के लक्षण :

  • छाती में जलन 
  • डकार के साथ खाना मुंह में आना 
  • कई बार मुंह में खट्टे पानी के साथ खून का आना 
  • मुंह में छाले
  • त्वचा रूखी होना
  • दांत खराब होना
  • पेशाब में जलन
  • पेट में तेज दर्द
  • छाती में बेचैनी

एसिडिटी के कारण:

  • अनियमित भोजन
  • तेल और मसालेदार खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन 
  • नशे की तल
  • मंद पाचन क्रिया 
  • खाने में जल्दबाजी 

एसिडिटी के आयुर्वेदिक उपचार ः

अदरक का रस: नींबू और शहद में अदरक का रस मिलाकर पीने से एसिडिटी की समस्या दूर होती है.

हरड: यह पेट की  और सीने की जलन को दूर करता है.

बबूना:  जलन की समस्या को दूर करता है.

चन्दन: एसिडिटी के उपचार के लिए चन्दन द्वारा चिकित्सा युगों से चली आ रही चिकित्सा प्रणाली है। चन्दन गैस से संबधित परेशानियों को ठंडक प्रदान करता है.

इलायची: सीने की जलन को ठीक करने के लिए इलायची का प्रयोग उपयोगी है.

अश्वगंधा: पेट की जलन संबधित रोगों के उपचार में अश्वगंधा उपयोगी है.

लहसुन: पेट की सभी बीमारियों के उपचार के लिए लहसून रामबाण औषधि है.

मेथी: मेथी के पत्ते पेट की जलन में उपयोगी सिद्ध होते हैं.

सौंफ: सौंफ भी पेट की जलन को ठीक करने में उपयोगी है यह एक तरह की सौम्य रेचक होती है और बच्चों की पाचन और एसिडिटी की समस्याओं को दूर करने के लिए भी मदददार है.